Thursday, 22 February 2018

बॉलीवुड हस्तियाँ जो रातों रात सितारे बन गए

Bollywood में ऐसे कई एक्टर-एक्ट्रेसेस हैं, जिन्होंने बहुत नाम कमाया है और आज बुलंदियों पर हैं. इनमें से कुछ तो ऐसे भी हैं, जिन्हें कामयाबी के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा. दरसल उनकी डेब्यू फिल्म ही सुपरहिट रही. इस लिस्ट में अजय देवगन, आमिर खान और अमीषा पटेल से लेकर संजय दत्त, रणवीर सिंह जैसे स्टार भी शामिल हैं. ये अलग बात है कि बाद में इन्हीं स्टार्स की कई फिल्म Flop  भी रहीं. इस पूरी श्रेणी में हम बता रहे हैं उन एक्टर-एक्ट्रेसेस के बारे में जो डेब्यू फिल्म से ही रातोंरात स्टार बन गए.

अजय देवगन NukkadBollywood

अजय देवगन ने फिल्‍मी सफ़र की शुरूआत डाइरेक्टर संदेश कोहली की फिल्‍म ‘फूल और कांटे’ से की. यह फिल्‍म उस समय की सबसे चर्चित सुपरहिट फिल्म थी, इस फिल्‍म में दो मोटरसाइकिल
पर पैर रखकर उनके द्वारा की गई एंट्री आजतक चर्चा का विषय बनी रहती हैं. इस फिल्म के ज़रिए अजय देवगन ने बॉलीवुड मे धमाकेदार एंट्री मारी.
 इसके बाद आई उनकी फिल्‍म ‘जिगर’ भी हिट रही थी, इसके बा
द उनकी कई फिल्‍म आईं जिन्‍होंने बॉक्‍स ऑफिस पर अच्‍छा
व्‍यवसाय किया. इसके बाद वे लगातार दिलवाले (1994), सुहाग (1994), नाजायज (1995), दिलजले (1996) और इश्क (1997) जैसी सफल और सुपरहिट फिल्मे करते गए. फिल्‍म ‘हम दिल दे चुके सनम’ उनके करियर का टर्निंग प्‍वाइंट रही जिसके लिए उन्‍हें कॉफी प्रशंसा मिली.

संजय दत्त

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संजय दत्त का करियर बहुत ही उतार-चढ़ाव से भरा हुआ रहा है. 1993 में हुए मुंबई बम ब्लास्ट के कारण उन्हें कई बार जेल के चक्कर काटने पड़े. इस वजह से उनको अपने फिल्मी करियर में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बाल कलाकार के रूप में संजय पहली बार फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ में दिखाई दिए लेकिन मुख्य अभिनेता के तौर पर उनकी पहली फिल्म रॉकी थी, जो कि उस समय की सुपरहिट फिल्म रही. इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फिल्म दीं और लगभग हर अच्छे अभिनेता के साथ काम किया लेकिन फिल्म ‘खलनायक’ में निभाया गया उनका ‘बल्लू’ का किरदार आज भी सभी के ज़ेहन में ताजा है. फिल्म ‘वास्तव’ में उनके अभिनय को काफी सराहा गया और इसके लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला.

आमिर खान aamir-khan-nukkad

आमिर खान  सबसे पहले एक बाल कलाकार के रूप में फिल्म जगत में आये. और बाद में उनका पहला फिल्म अभिनय 1984 की होली फिल्म शुरू हुआ था. उन्हें अपने भाई मंसूर खान के साथ फिल्म क़यामत से क़यामत तक (1988) के लिए अपनी पहली कमर्शियल सफलता मिली और इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ट मेल नवोदित पुरस्कार भी दिया गया.
उस समय उनकी एक और थ्रिलर फिल्म राख (1989) ने कई पुरस्कार अपने नाम किये. 1990 के दौर में एक से बढ़कर एक सफल फिल्म देकर उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपना नाम स्वर्णक्षरो से लिख दिया था. उस समय उनकी सबसे सफल फिल्म में रोमांटिक ड्रामा दिल (1990), रोमांटिक राजा हिन्दुस्तानी (1996), इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर की तरफ से बेस्ट एक्टर का पुरस्कार भी मिला, और ड्रामा फिल्म सरफरोश (1999) भी शामिल है. हिंदी फिल्म के अलावा उन्होंने एक कैनेडियन-भारतीय फिल्म अर्थ (Earth) (1998) में भी अभिनय किया है.

दिव्या भारती

दिव्या भारती ने क्रमशः “शोला और शबनम” और “दीवाना” जैसे फिल्म में शाहरुख़ खान, गोविंदा और ऋषि कपूर जैसे प्रशंसनीय अभिनेताओं के साथ सफलता हासिल की; जिसके बाद में सर्वश्रेष्ठ महिला पदार्पण के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला. उन्होंने 1992 और 1993 के बीच 14 से अधिक हिंदी फिल्म में अभिनय किया, जो हिंदी सिनेमा में कभी ना टूटनेवाले रिकॉर्ड बना गई.

भाग्य श्री

मैंने प्यार किया’ इनकी पहली फ़िल्म थी. इस फ़िल्म की अपार सफलता के बावजूद इन्होंने फिल्म लाइन को कैरिअर बनाने के बजाए घरेलू ज़िन्दगी गुजारने का निर्णय लिया. शादी के बाद वे अपने पति के साथ 2-3 फिल्म्स में दिखाई दीं. उनकी ये शर्त कि उनकी फिल्म्स में उनके पति को हीरो बनाया जाए, बॉलीवुड के निर्देशकों के गले नहीं उतरी, अंततः वे बॉलीवुड से गायब हो गयीं. उसके बाद वे 2001 में फ़िल्म “हेलो गर्ल्स ” में दिखाई दीं.

शाहरुख खान

शाहरूख के करियर की शुरूआत टेलीविजन से हुई थी. दिल दरिया, फौजी, सर्कस जैसे सीरियल्‍स से उन्‍होंने अपनी पहचान बनाई. उनके फिल्‍मी करियर की शुरूआत फिल्‍म ‘दीवाना’ से हुई थी जिसके लिए उन्‍हें सर्वश्रेष्‍ठ नवोदित अभिनेता का फिल्‍मफेयर पुरस्‍कार भी मिला था. उस समय यह फिल्‍म सुपरहिट हुई और इसी फिल्‍म ने शाहरूख को हिन्‍दी फिल्‍म इंडस्‍ट्री में स्‍थापित किया. इसके बाद शाहरूख ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और वे लगातार सफलता की सीढि़यों पर चढ़ते गए. धीरे धीरे वे आलोचकों के साथ साथ जनता की पसंद बन गए और लड़कियों के बीच तो काफी प्रसिद्ध हो गए

अमीषा पटेल

निर्देशक राकेश रोशन ने उनकी ने कहो ना प्यार है  फिल्म में अपने बेटे ऋतिक रोशन की विपरीत भूमिका वाली सोनिया के किरदार के लिए अमीषा को मौका दिया. ये अपने परिवार के कठोर प्रतिरोध पर काबू पाने में कामयाब रहीं और इस फिल्म के साथ इन्हें फिल्म स्टार के रूप में कैरियर बनाने की हरी झंडी मिल गई थी. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा. अमीषा की कुछ लोकप्रिय फिल्म्स कहो ना प्यार है, गदर-एक प्रेम कथा, वादा, हमराज, मंगल पांडे- द राइजिंग, मेरे जीवन साथी और हनी मून ट्रेवेल्स प्राइवेट लिमिटेड आदि हैं.

DeepikaNukkadदीपिका पादुकोण

दीपिका पादुकोण ने उनकी पहली बॉलीवुड फ़िल्म ओम शांति ओम (2007) में शाहरुख़ खान के साथ दोहरी भूमिका अदा की और इसमें उनके शानदार अभिनय के लिये उन्होंने बेस्ट डेब्यू फीमेल केटेगरी में फिल्मफेयर अवार्ड भी जीता. मुख्य महिला भूमिका वाली फ़िल्म लव आज कल (2009) में उनके एक्टिंग की काफी प्रशंसा भी की गयी थी और नाटकीय फ़िल्म लफंगे परिन्दे (2010) में भी उनकी काफी प्रशंसा हुई.

अनुष्का शर्मा

अनुष्का शर्मा की पहली ही फिल्म ‘रब ने बना दी जोड़ी’ सुपरहिट रही. इस फिल्म में उनके हीरो सुपरस्टार शाहरूख खान थे. इस फिल्म से उन्हें काफी प्रशंसा मिली. इसके बाद आई उनकी फिल्में ‘बदमाश कंपनी’ और ‘बैंड बाजा बारात’ में भी उन्हें दर्शकों ने काफी सराहा.

रणवीर सिंह

सन 2010 में अनुष्का शर्मा के साथ यश राज फिल्म्स की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म बैंड बाजा बारात से उन्होंने एक्टिंग में डेब्यू किया था. उनकी पहली ही फिल्म को आर्थिक सफलता मिली और आलोचकों ने भी उनके अभिनय की काफी प्रशंसा की थी, इस फिल्म के लिये उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट मेल डेब्यू अवार्ड भी मिला था.
इनके अलावा भी कई कलाकार इसे है जो अपने जीवन में उतार चदाव देखे हैं. लेकिन उनके जीवन की पहली फिल्म बहुत चली हम इन कलाकारों के जो बॉलीवुड में उनके संघर्ष कि कहानी को बयाँ करती है. और बताती है की अगर इंसान के अंदर कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो जाहिर तौर पर हर इंसान अपने सपनों को पूरा करने की काबिलियत रखता है. हम सभी इन कलाकरों की मेहनत और इस हौंसले को सलाम करते है.

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